( मित्रों के लिए )
वे दूर-दूर तक नहीं थे,
पल भर पहले,
अचानक आते, घुमड़ते,चमकते,
गरजते और बरसते हैं बादल
दम धरती है धरती
चैन लेता है मौसम
हमारे मिलने से
गौर करो, बहुत कुछ होता है।
देह पर तन आती छाया
बहार की मोहक माया
झूमते पेड़, बलखाती डालियां,
आनंद से कांपती पत्तियां
अपनी महक से चहकते फूल
हाथ आते झुक जाते रसीले फल
हमारे मिलने से
याद करो , बहुत कुछ खिलता है।
दूसरों से मिले धोखे,
दम तोड़ते कुछ भरोसे,
कभी मन दिखाते
कभी मन मसोसते
सुख पर शक
और दुख पर चुप्पी,
हो जाते हैं कई बोझ हलके
हमारे मिलने से
दर्ज करो, बहुत कुछ घटता है।
आते हो, पर्दा हटाते,
गली साफ नजर आती है,
जीने के लिए जरूरी
बेशर्मी उभर आती है,
न मिलते, न चेतते,
तो मारे जाते हम,
हवा भी बेखौफ हो जाती है
हमारे मिलने से
वाकई , बहुत कुछ होता है।
What is religion? / Part - 1
2 weeks ago
1 comment:
अच्छे भाव !!
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